क्या कैंसर को जड़ से खत्म किया जा सकता है?HealthPlanet

Posted on Thu 22nd Dec 2022 : 12:53

कैंसर की जल्द हो पहचान तो हो सकता है जड़ से खत्म, हेलो डाक्टर में एक्‍सपर्ट ने दिए बचाव के टिप्‍स

कैंसर रोग की जल्द पहचान कर समय रहते यदि इलाज शुरू कर दिया जाए तो बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है।

अनियमित जीवनशैली से लोगों की सेहत बिगड़ रही है। कैंसर के भी मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हमें समझना होगा कि कैंसर रोग की जल्द पहचान कर समय रहते यदि इलाज शुरू कर दिया जाए तो ना सिर्फ बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है। बल्कि उपचार में होने वाले पैसे भी बचाए जा सकते हैं। इसलिए बीमारी को लेकर जागरूकता की आवश्यकता है। नईदुनिया के हेलो डाक्टर कार्यक्रम में बालको मेडिकल सेंटर, नया रायपुर की वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ (आंकोलाजिस्ट) डा. भावना सिरोही ने यह बात कही।

डा. भावना ने कहा कि 25 वर्ष से अधिक चिकित्सकीय सेवा के अनुभव में मैंने 20 वर्ष इंग्लैंड में सेवाएं दी है। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर वहां सिस्टम काम करता है जबकि यहां हमें खुद तय करना है। विदेशों की तुलना में हमारी भारतीय जीवनशैली काफी समृद्ध है। यदि हम अपने ही रहन-सहन, खानपान को व्यवस्थित कर लें तो 90 से 95 प्रतिशत बीमारियां सामने ही नहीं आएगी। इसमें कैंसर भी शामिल है।

डा. भावना ने कहा कि कैंसर में शरीर के भीतर किसी विशेष अंग की कोशिकाओं पर नियंत्रण बिगड़ जाता है और कोशिकाएं बेहिसाब बढ़ने लगती हैं। इससे कैंसर नामक बीमारी सामने आती है। कैंसर रोगियों में 90 प्रतिशत से अधिक कैंसर के कारण अनियमित जीवनशैली ही है। बचाव के लिए नियमित व्यायाम, योग करना, फास्ट फूड, तेल युक्त व बाहर के खाने से परहेज, खाने में हरी सब्जी, दाल, फल आदि सेवन करें। एक से दो वर्ष में कैंसर स्क्रीनिंग कराएं। किसी भी तरह के असमान्य लक्षण दिखने पर जांच जरूर कराएं।

हो रहे गैर जरूरी जांच, सरकारी कंट्रोल जरूरी

इलाज में लगातार बढ़ते खर्च को लेकर डा. भावना ने कहा कि देखा जा रहा है कि अस्पतालों में गैर जरूरी जांचें काफी अधिक हो रही है। वहीं कई दवाइयां जो सस्ती हो सकती है, उन्हें भी नियंत्रित करने की आवश्यकता है। सभी जानते हैं कि हमारे देश में बड़े वर्ग के पास इतना पैसा नहीं है कि वह इन परिस्थितियों में अपने इलाज का खर्च उठा सके। ऐसे में सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहतर नीति बनाने की जरूरत है। ताकि स्वास्थ्य सिस्टम भी बेहतर चल सके।

बालको मेडिकल सेंटर में बेहतर सेवाएं

डा. भावना ने कहा कि प्रदेश में बालको मेडिकल सेंटर देश के सबसे बेहतर कैंसर सेंटरों में से एक है। यहां विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। 50 सर्वश्रेष्ठ चिकित्सकों की टीम इलाज के लिए आने वाले प्रत्येक मरीजों की स्थिति का सहीं आंकलन कर उन्हें बेहतर सेवाएं उपलब्ध करा रही है। इसके चलते अस्पताल के प्रति मरीजों का भी भरोसा बढ़ता जा रहा है।


पाठक के सवाल चिकित्सक के जवाब

1. काफी थकावट रहती है। चल नहीं पा रहा हूं। कुछ जांच हुई है। कैंसर के लक्षण बता रहे हैं। सहीं कारण क्या है यह स्पष्ट नहीं आया है। - चेतन साहू, रायपुर

जवाब : कैंसर की बात सुनकर घबराने की जरूरत नहीं है। आप बालको मेडिकल सेंटर आ सकते हैं। यहां कैंसर जांच की एडवांस मशीन है। हम बेहतर स्क्रीनिंग के माध्यम मूल समस्याओं को चिन्ह्ति कर इलाज करा सकते हैं।


2. मुंह में सफेद व लाल छाले हैं। इलाज के बाद भी ठीक नहीं हो रहे। बढ़ते ही जा रहे हैं। - यशवंत ध्रुव, बलौदाबाजार

जवाब : तंबाकू व गुटखा के अधिक सेवन की वजह से यह परेशानी है। समस्या एकाएक शुरू नहीं हुई है। जिस तरह सेे लक्षण बता रहे हैं यह मुंह के कैंसर के लक्षण भी हो सकते हैं। आपको बेहतर जांच व इलाज की जरूरत है।

3. मेरी नौ माह की बच्ची है। छाती में गठान नजर आ रहा है। - राजेश सिन्हा, महासमुंद

जवाब : यदि यह बढ़ नहीं रहा है तो कोई बड़ी समस्या नहीं है। फिर भी एक बार शिशु रोग विशेषज्ञ को अच्छे से दिखाएं।

4. अभी मैंने जांच कराया है। गर्भाशय के कैंसर के संकेत मिले हैं। - चंचल जोशी, रायपुर

जवाब : इससे जुड़ी और भी कुछ जांच है। जिसे करने से स्थिति स्पष्ट होगी। गर्भाशय कैंसर में स्थिति को देखकर पहले कीमोथेरेपी की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके नौ सप्ताह बाद सर्जरी की जा सकती है। लेकिन पूरी रिपोर्ट सामने आने के बाद ही किसी तरह के इलाज की प्लानिंग की जा सकती है। आप अस्पताल आइए। जांच के बाद विशेषज्ञों से सलाह कर बेहतर किया जाएगा।

5. लंबे समय से तंबाकू का आदी हूं। गले में जलन की समस्या अचानक से बढ़ गई है। - राधेश्याम, कांकेर

जवाब : तंबाकू का सेवन छोड़ने की कोशिश करें। आप वहां कान-नाक-गला रोग विशेषज्ञ से जाकर सलाह ले सकते हैं।

6. बेटे के घुटने के पास गांठ है। कुछ जांच हुई है। बायोप्सी जांच कराने के लिए कहा गया है। इलाज से अब तक राहत नहीं मिली है। नरेंद्र गोमसे, रायपुर

जवाब : संभवत: यह कैंसर ही है। लेकिन यह इलाज से पूरी तरह ठीक हो सकता है। यानी जड़ से खत्म हो सकता है। पैथालाजी रिव्यू कराएं। जल्द इलाज शुरू कर दें।

7. मेरी जांच में कैंसर का पता चला है। इलाज कराने में असमर्थ हूं। - प्रिंस देवांगन, आरंग

जवाब : कैंसर का कौन सा स्टेज है। वह देखना होगा। पूरी तरह स्क्रीनिंग की जरूरत है। आप खर्च की चिंता मत कीजिए। अस्पताल आकर जांच कराई। शासकीय बीमा योजना का लाभ मिलेगा। जरूरत पड़ने पर अस्पताल से भी मदद मिलेगी।

8. मेरे परिवार में दो लोगों को ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। क्या परिवार के अन्य सदस्य को भी होने की आशंका है। - दीप्ति पटेल, रायपुर

जवाब : जरूरी नहीं कि यदि परिवार में हिस्ट्री हो तो आने वाली पीढ़ी को भी होगा। लेकिन थोड़ी आशंका जरूर होती है। इसके लिए कुछ जांच होती है। इसे कराने से हम जीन्स से जुड़ी जानकारियों के माध्यम से पता कर सकते हैं कि जोखिम है या नहीं?

9. तीन साल से तबीयत बिगड़ रही है। वजन 50 से 38 किलो में आ गया है। - गीतांजलि साहू, रायपुर

जवाब : वजन तेजी से कम होना चिंता का विषय है। इसकी वजह कई तरह की हो सकती है। लेकिन आपके अन्य लक्षणों से लग रहा कि यह सर्वाइकल कैंसर लग रहा है।

10. मेरी पत्नी में बच्चादानी का कैंसर सामने आया है। क्या अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से इलाज संभव है। - प्रवीण कुमार, दुर्ग

जवाब : आप अस्पताल में आकर इलाज करा सकते हैं। शासकीय योजना के तहत इलाज की पूरी सुविधा उपलब्ध है।

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wordpress 3 years ago 5 Answer
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